Skip to content

Arun Singh

Just another Blog !

  • How to Optimize for Google’s Featured Snippets to Build More Traffic SEO
  • Does Your Company’s Size Affect Your SEO Strategy? SEO
  • How to Communicate the Importance of SEO to Your Boss SEO
  • 10 Honeymoon Places In India In July Travel
  • 40% travel, tourism firms staring at complete shutdown risk in next 3-6 months: Report Travel
  • What is Ruining Your E-Commerce Conversions? SEO
  • Private Old and New Delhi City Sightseeing Tour Travel
  • Taj Mahal Agra Tour by Gatimaan Train/Rail All Inclusive Travel

क्या खत्म होगी ‘तीन तलाक’ की प्रथा

Posted on August 21, 2017August 11, 2025 By admin





देश भर में बहस का मुद्दा बने तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज यानी मंगलवार 22 अगस्त को सुबह साढ़े दस बजे आएगा. 11 मई से सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई 18 मई को खत्म हुई थी और कोर्ट ने अपने आदेश को सुरक्षित रखा लिया था.

तीन तलाक के पक्ष में नहीं केंद्र

आपको बता दें कि 5 जजों की बेंच इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी. कोर्ट में यह सुनवाई 6 दिनों तक चली. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में साफ किया था कि वह तीन तलाक की प्रथा को वैध नहीं मानती और इसे जारी रखने के पक्ष में नहीं है. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने तीन तलाक को ‘दुखदायी’ प्रथा करार देते हुए न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह इस मामले में ‘मौलिक अधिकारों के अभिभावक के रूप में कदम उठाए.’




ये थी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दलील

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि तीन तलाक का पिछले 1400 साल से जारी है. अगर राम का अयोध्या में जन्म होना, आस्था का विषय हो सकता है तो तीन तलाक का मुद्दा क्यों नहीं.

खत्म होनी चाहिए तीन तलाक की प्रथा

मुकुल रोहतगी ने दलील थी कि अगर सऊदी अरब, ईरान, इराक, लीबिया, मिस्र और सूडान जैसे देश तीन तलाक जैसे कानून को खत्म कर चुके हैं, तो हम क्यों नहीं कर सकते. अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा था, ‘अगर अदालत तुरंत तलाक के तरीके को निरस्त कर देती है तो हम लोगों को अलग-थलग नहीं छोड़ेंगे. हम मुस्लिम समुदाय के बीच शादी और तलाक के नियमन के लिए एक कानून लाएंगे.’




महिला अधिकारों की लड़ाई

तीन तलाक पर केंद्र का कहना था कि यह मामला बहुसंख्यक बनाम अल्पसंख्यक का नहीं है. यह एक धर्म के भीतर महिलाओं के अधिकार की लड़ाई है. इस मामले में विधेयक लाने के लिए केंद्र को जो करना होगा वह करेगा, लेकिन सवाल ये है कि सुप्रीम कोर्ट क्या करेगा? इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि अस्पृश्यता, बाल विवाह या हिंदुत्व के भीतर चल रही अन्य सामाजिक बुराइयों को सुप्रीम कोर्ट अनदेखा नहीं कर सकता है. कोर्ट इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकता.

Latest News

Post navigation

Previous Post: कपिल-सिद्धू के बीच क्या है विवाद?
Next Post: SC का ऐतिहासिक फैसला- ट्रिपल तलाक पर 6 माह की रोक

Related Posts

  • SC का ऐतिहासिक फैसला- ट्रिपल तलाक पर 6 माह की रोक Latest News
  • कपिल-सिद्धू के बीच क्या है विवाद? Latest News
  • पासपोर्ट बनवाना आसान Latest News

Recent Posts

  • 40% travel, tourism firms staring at complete shutdown risk in next 3-6 months: Report
  • Mamata govt extends ban on flights to Kolkata from 6 cities till August 31 as COVID-19 cases near 1 lakh
  • Golden Triangle Tour 4 Night / 5 Days { Taj Mahal at Sunset and Sunrise }
  • Taj Mahal Agra Tour by Gatimaan Train/Rail All Inclusive
  • Private Old and New Delhi City Sightseeing Tour

Archives

  • August 2020
  • November 2019
  • June 2019
  • March 2019
  • April 2018
  • March 2018
  • August 2017

Categories

  • Latest News
  • SEO
  • Travel
  • Does Your Company’s Size Affect Your SEO Strategy? SEO
  • पासपोर्ट बनवाना आसान Latest News
  • SC का ऐतिहासिक फैसला- ट्रिपल तलाक पर 6 माह की रोक Latest News
  • Private Old and New Delhi City Sightseeing Tour Travel
  • 10 Honeymoon Places In India In July Travel
  • Why People Are Afraid of SEO? SEO
  • Taj Mahal Agra Tour by Gatimaan Train/Rail All Inclusive Travel
  • 14 Most Romantic Honeymoon Destinations In India Travel

Copyright © 2026 Arun Singh.

Powered by PressBook News WordPress theme